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Title:
Bedakhal
Description:
ख़ैर तलाक़शुदा औरत को हमारा समाज अपनाता भी कितना है। इस तथ्य से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। नंदनी जैसी लड़की का इस शब्द से डरना भी स्वाभाविक है। बेदख़ल हर उस नंदनी को समर्पित है जिसने घुटन भरी ज़िंदगी को जिया है। मरे हुए रिश्तों का बोझ उठाया है। अपनो के लिए अपने आत्मसम्मान को दांव पर लगाया है और आख़िर में अपने रास्तों को भी देर-सवेर चुना है और सर उठाकर तलाक़शुदा शब्द को गले लगाया है।