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Title:
Strivadi Sahitya Vimarsh
Description:
दलित स्त्रियों के सामाजिक शोषण का कोई अंत नहीं है। वे जाति के नाम पर, महिला के नाम पर, मजदूरी के नाम पर, सुंदरता के नाम पर कभी भी अपमानित और बलात्कृत हो सकती हैं। यह पुस्तक किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है बल्कि उस दूषित मानसिकता के खिलाफ है, जो स्त्री को अपना उपनिवेश मानने की सदियों पुरानी विचारधारा को पुष्ट करती है।