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Title:
Aaj Ki Kala
Description:
वर्षों से कलाकृतियों को देखते-समझते हुए, उनके बीच अपना बहुतेरा समय बिताते हुए, जो कुछ मैंने मूल रूप से या सार रूप से, देखा, पाया और जाना है-उसका साझा भी मैंने इस पुस्तक के माध्यम से करना चाहा है ।