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Title:
Apbhransh ke Dharmik Muktak Aur Hindi Sant-Kavya
Tags:
Bhakti Kaal
Sant Kavya
भक्तिकाल
Description:
आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं के प्रारम्भिक काल का साहित्य अपभ्रंश काव्यधारा का ही नव परिवर्तन रूप है। हिंदी की आदिकालीन और मध्यकालीन प्रवृत्तियों को समझने के लिए सदानन्द शाही का अध्ययन सहायक सिद्ध होगा, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।