Add To BookRack
Title:
Gorakh Pandey Vyakti Aur Rachna Khand 3 (Sakshatkar)
Tags:
Lekh
Article
Interview
Description:
हिंदी कविता में गोरख पांडे का योगदान अविस्मरणीय है हालांकि उसे भुलाने के सभी तरीके आजमाए जाते हैं। इसके बावजूद गोरख की कविता किसी जिद्दी धुन की तरह अनपेक्षित जगहों पर बिना किसी पूर्व सूचना के बज उठती है। जब भी कोई जनांदोलन सर्वानुमति को धत्ता बताते हुए चुप्पी तोड़कर जाग जाने के लिए विवश करता है तो गोरख की कविता पोस्टरों पर जमीं से उठते नगमे की तरह आ विराजती है।